Saturday, June 8, 2019
बिजली संकट : Power Cutting or Electricity Problem.
खासकर जब गर्मी अपने चरम पर आती है और हर तरफ ऐसा लगता है की जैसे की आसमान से आग की बरसात हो रही हो। क्या इंसान, जानवर, पक्षी , पेड़ , ज़मीन , घर , दरबार, अंदर , बाहर सब जैसे आग से जला जा रहा हो। तब ऐसा लगता है की बस बहुत हुआ अब तो मेघ बरस जा इस आग से दहकते हुए गोले पर क्यू की अब नहीं सहन होती ये गर्मी। क्या गांव , क्या शहर हर तरफ कोहराम मचा हुआ है हर कोई परेशां है। अगर ऐसे में कोई कुछ कर सकताहै तो वो है "बिजली ", जी हाँ ये ही वो एक मात्रा विकल्प है जो सबको गर्मी से राहत दिलाता है।
अगर ऐसी तपती दोपहरी या उमस भरी रात में "बिजली " चली जाये तो ऐसा लगता है की बस शरीर से प्राण ही निकलने वाले हैं। आज के युग में देखा जाये तो बिजली ही भगवान का दूसरा रूप है, बिना इसके क्या गर्मी क्या शर्दी जीवन संभव नहीं है। एक दिन हम लोग बिना बिजली के नहीं रह सकते हैं। हमने अपने स्वार्थ के लिए पेड़ काट दिए , तालाब को सूखा दिया, खेतो को उजाड़ दिया , सीमेंट कंक्रीट के जंगल खड़े कर लिए , नदियों को नाला बना दिया, पानी की किल्लत हो रही हर तरफ क्या करे फिर हम भगवान को दोष देते हैं , बिजली कहा से बने पानी नहीं है बिजली को स्टोर नहीं किया जा सकता है पर जितना हो सकता है हम ऊर्जा की बचत करें पर हम हैं की मानते ही नहीं बेतहाशा उपयोग रहे है फिर उतनी कहा से पैदा हो।
बिजली संकट के लिए हम खुद जिम्मेदार है , दूसरे गृह के प्राणी नहीं। हम जितना खर्च करते हैं उतनी पैदा नहीं हो पा रही है लिहाज़ा हर तरफ बिजली संकट पैदा हो गया है। हम अपनी इच्छाओ पर कोई कण्ट्रोल नहीं रख पा रहे है , एक घर में चार चार AC लगाए बैठे है हर तरफ बिना जरुरत के लाइट लगा के रखी हैं , हर घर आज ठन्डे गरम पानी के गीजर लगे हैं , रूम हीटर , कूलर, बिना मतलब के चलते दिख जाएगे आपको। आदमी ने अपने लिए परेशानियां खुद कड़ी कर ली हैं।
बिजली संकट भारत ही नहीं वरन देश विदेश में हर तरफ फैला हुआ है , हर तरफ तरीहिमाम मचा होना कोई बड़ी बात नहीं रही आज। भारत जैसे देश में जहा की जनसंख्यां सवा करोड़ से ऊपर हो चुकी है वह पर ऐसी समस्या आम बात है, पढ़े लिखे लोग भी अनपढ़ लोगो से लापरवाही में आगे निकल चुके हैं।
बिजली कटौती का मूल कारन हैं भ्रष्ट नेता, अधिकारी और लापरवाह कर्मचारी। नेता जो ऐसे बेकार लोगो से बिजली जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए बिना सोचे समझे और बिना कोई अच्छी और बेहतर नीति बनाये हुए फला फ्ला नियम बनाकर जनता पर थोपते हैं और जो कमिशन के चक्कर में घटिया बिजली के उपकरण की खरीददारी करते हैं और आम जनता के पैसे और जीवन के साथ खिलवाड़ करते हैं। कमजोर बिजली के पोल् और तार जिनपर जरा सा लोड पड़ा नहीं की टूट जाते हैं , कभी कही तो मानव जीवन के साथ भी खिलवाड़ होने की घटनाये सामने आ चुकी हैं। अधिकारी सुनते नहीं हैं , लापरवाह कर्मचारी काम नहीं करते हैं , ड्यूटी पर भी नहीं मिलते हैं। जिसके कारण आम जनता में रोष होकर हड़ताल , आगजनी, बिजलीघर में तोड़फोड़ की घटनाएं आये दिन होती रहती हैं। घंटो लाइट की कटौती सुधर के नाम पर होती है फिर भी कोई समस्या का हल नहीं होता है। मैंटेन करने के नाम पर करोडो के फण्ड का बन्दरवाट कर लिया जाता है किसी को कुछ पता नहीं होता।
जो केबल आपको बिजली बिभाग ने सप्लाई की होती है वो बेकार और घटिआ जो जरा का लोड नहीं झेल पाती हैं जल जाती है , मीटर भी ऐसे ही लगाए जाते हैं जो फ़ास्ट चले , यहाँ तक की मीटर में जलने वाली स्क्रीन लाइट व् LED के पैसे भी आपके बिल में ऐड होते हैं। खम्बे भी कमजोर क़्वालिटी के होती है जो आंधी में टेड़े और उखड भी जाते है।
आवाज़ उठानी होगी , भ्रस्ट लोगो को बाहर करना होगा अधिकारी को समस्या का समाधान होने तक घेरे रहना होगा। सरकार और आमजन को मिलकर काम करना होगा, बिजली की फिजूलखर्ची रोकनी होगी, नियम का पालन न करने वाले को कड़ा दंड देना होगा, हर आदमी को जागरूक करना होगा, मुफ्त बिजली देना बंद करना होगा वरना वो लोग बिजली की जरुरत नहीं समझ सकेंगे।
आशा है दोस्तों आपको मेरे निजी विचार पसंद आये होंगे उम्मीद हैं आप मेरे इस लेखन कार्य को और अधिक प्रोत्साहित करेंगे।
धन्यबाद
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